वर्ष 1950 में इलेक्ट्रॉन सूक्ष्मदर्शी की खोज के बाद कोशिका झिल्ली की विशेष सूचना का ज्ञान संभव हो सका।
कोशिकाएं लिपिड की बनी होती हैं, जो दो सतहों में व्यवस्थित होती है। लिपिड झिल्ली के अंदर व्यवस्थित होते हैं, जिनका ध्रुवीय सिरा बाहर की ओर होता है।
विभिन्न कोशिका में प्रोटीन लिपिड का अनुपात भिन्न-भिन्न होता है। मनुष्य के रुधिराडु की झिल्ली में लगभग 52% प्रोटीन व 40% लिपिड मिलता है। झिल्ली के पाए जाने वाले प्रोटीन को अलग करने की सुविधा के आधार पर दो अंगभूत व परिधीय प्रोटीन भागों में विभक्त कर सकते हैं। परिधीय प्रोटीन झिल्ली की सतह पर होता है, जबकि अंग भूत प्रोटीन आंशिक या पूर्ण रूप से झिल्ली मे धंसे होते हैं।