" धार्मिक कारण " -
अंग्रेजों ने मुसलमानों की तरह धर्म के फैलने का प्रयत्न नहीं किया वह भारत में धर्म प्रचार करने नहीं धन लूटने आए थे परंतु अंग्रेज व्यापारियों के साथ कुछ धर्म प्रचारक भी भारत में आ बसे है उन्होंने भारत में ईसाई धर्म का प्रचार करना आरंभ कर दिया इससे प्रचार को सरकारी को से धन की सहायता दी जाती थी तथा इसाई बनाने वाले को सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाती थी ईसाई धर्म प्रचारक कभी-कभी उद्दण्डता व्यहार करते थे वह खुल्लम खुल्ला हिंदू धर्म और इस्लाम की निंदा करते थे और इनके अवतारों और पैगंबर को गालियां देते थे सरकार ने ऐसा करने से रोकने का प्रयत्न नहीं किया ।
यद्यपि प्रत्यक्ष रूप से सरकार ने अपनी नीति धर्मनिरपेक्ष रखी और किसी के धर्म में हस्तक्षेप नहीं किया तथा उपरोक्त रूप से उसने ईसाई मत को फैलाने का पूर्ण योग दिया उदाहरण के लिए धर्म परिवर्तन करने पर हिंदू पिता की संपत्ति पर पुत्र का अधिकार नहीं होता है परंतु अंग्रेजों ने 1850 में एक कानून पारित किया जिसमें हिंदू धर्म के इस नियम की अवहेलना कर धर्म परिवर्तन द्वारा ईसाई धर्म अपनाने वाले को वंशानुगत संपत्ति का उत्तराधिकारी स्वीकार किया हिंदू धर्महिंदू धर्म के अनुसार निसंतान व्यक्ति को मुक्ति नहीं मिलती इसलिए वह किसी को गोद लेकर सन्तानहीनता का कंकाल को धोता है डलहौजी की गोद निषेध ने हिंदुओं को बहुत असंतोष फैला दिया भारतीय बच्चों को मिशन स्कूल में पढ़ने भेजा जाता था जहां उनके मस्तिष्क में अपने धर्म के विरुद्ध बातें भरकर इसाई धर्म की ओर आकर्षित किया जाता था रेल आदि के प्रचलन को भी तत्कालीन भारत वासियों ने अपने धर्म पर एक प्रहार ही समझा ।