भारत में वायु परिवहन की शुरुआत 1911 में इलाहाबाद और नैनी के मध्य हुई। 1920 में वास्तविक रूप से नागरिक उड्डयन प्रारम्भ होने के बाद 1927 में नागरिक उड्डयन विभाग स्थापित किया गया । स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत 1953 में वायु यातायात सेवाओं का राष्ट्रीयकरण करते हुए दो स्वतंत्र निगम स्थापित किये गए। पहली संस्था यानी एयर इंडिया इंटरनेशनल को अंतरराष्ट्रीय वायु यातायात सेवाओं के संचालन का कार्य सौंपा गया जबकि दूसरी संस्था इंडियन एयरलाइंस द्वारा घरेलू विमान सेवाओं की बागडोर संभाली गई। 1972 में अंतरराष्ट्रीय विमानपत्तन प्राधिकरण को दिल्ली में स्थापित किया गया। यह प्राधिकरण भारत के पांच अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों -- मुम्बई, दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई तथा तिरुवनंतपुरम पर वायु यातायात हेतु बेहतर सेवा एवं सुविधाए उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी हैं।
इंडियन एयरलाइंस द्वारा पाकिस्तान, थाईलैंड , सिंगापुर, श्रीलंका, मालदीव, नेपाल, बांग्लादेश आदि पड़ोसी देश के लिए विमान सेवाएं संचालित की जाती हैं।
भारत के उत्तर पूर्वी भागो में वायु यातायात सुविधाओं के विस्तार के उद्देश्य से 1981 में प्रारंभ की गई वायुदूत सेवा का भी इंडियन एयरलाइंस में विलय कर दिया गया। 1985 से अस्तित्व में आयी पवन हंस सेवा के माध्यम से देश में हेलीकॉप्टर की सुविधा उपलब्ध करायी जाती है।