देश मे जनसंख्या को कम करने के लिए राष्ट्रीय संसाधनों के मध्य समन्वय स्थापित करके आर्थिक विकास तथा न्याय प्राप्त करने की दिशा में 16 अप्रैल 1976 को भारत सरकार ने एक जनसंख्या नीति की घोषणा की। इस नीति को 28 अप्रैल, 1977 को संशोधित किया गया। संशोधित जनसंख्या नीति की प्रमुख विशेषता निम्न हैं :-
- इस नीति के तहत परिवार नियोजन को पूर्णतः स्वैचिछक कार्यक्रम घोषित किया गया।
- विवाह के समय लड़के की आयु 21 वर्ष तथा लड़की की आयु 18 वर्ष से कम नही होनी चाहिये।
- नीति में घोषणा की गई कि केन्द्र सरकार अनिवार्य नसबन्दी सम्बन्धी कानून नही बनाना चाहती है परन्तु राज्य सरकार को इस सम्बंध में कानून बनाने की छूट दी गई है।
- केन्द्र द्वारा राज्य सरकार को दी जाने वाली केंद्रीय सहायता का 8% भाग विशेष रूप से परिवार कल्याण कार्यो की सफलता के आधार पर दिया जायेगा।
- इस नीति में लड़कियों की शिक्षा पर विशेष बल दिया गया है।
- इस नीति में परिवार कल्याण से सम्बंधित चिकित्सा सेवाओं की निःशुल्क व्यवस्था की गई है।
- कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ऐच्छिक संगठनों द्वारा दी गई आर्थिक सहायता को आयकर से मुक्त रखा गया है।
- प्रत्येक नागरिक की प्रतिष्ठा एव अपने परिवार के आकार के विषय में निर्णय करने के उसके अधिकार को सर्वाधिक महत्वपूर्ण माना गया है।
- परिवार नियोजन कार्यक्रम का पूरे देश मे विशेष कर ग्रामीण इलाकों में व्यापक रूप से प्रचार किया जाएगा।
- इस नीति में दो बच्चों के बाद नसबन्दी कराने पर 150 रु , तीन बच्चों के बाद 100 रु तथा चार या अधिक बच्चों के बाद 70 रु मौद्रिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है।