3 -भारतीय धन का निष्कासन -
अंग्रेजों ने अपने आर्थिक हितों की पूर्ति के लिए भारत का विपुल धन इंग्लैंड पहुंचाया भारी वेतन व उपहारों भ्रष्ट तरीके से धन प्राप्त किया ठेको, करो आदि के रूप में भारत की अतुल धनराशि इंग्लैंड पहुंचाई गई इसमें भारत में पूंजी का अभाव हो गया तथा भारतीय कृषि उद्योग एवं व्यापार आदि चौपट हो गए तथा देश में गरीबी एवं बेरोजगारी बढ़ती गई इस कारण में भारतीयों में तीव्र आक्रोश था ।
4- शिक्षित में असंतोष -
भारत में शिक्षित वर्ग भी अंग्रेजों की पक्षपातपूर्ण एवं दोषपूर्ण आर्थिक नीति से असंतुष्ट था एवं महत्वपूर्ण पदों पर केवल यूरोपियन लोग के नियुक्त किए जाते थे भारतीयों को उच्च पदों से वंचित रखा जाता था उन्हें केवल साधारण एवं निम्न पदों पर ही नियुक्त किया जाता था अधिकांश शिक्षित भारतीय लोगों को क्लर्कों के पद पर नियुक्त किया जाता है तथा इस कारण शिक्षित भारतीय लोगों में असंतोष व्याप्त था ।
4- बार-बार अकाल पडना -
बार-बार अकाल पड़ने से भारतीय किसानों की दशा शोचनीय बनी हुई थी अकालो के समय अंग्रेजी सरकार की उपेक्षापूण निति से किसानों में बडा़ असंतोष था डॉ आर सी मजूमदार " बार-बार अकाल पड़ने के कारण लोगों की दशा डैनी बनी हुई थी और संपूर्ण भारत में तीव्र असंतोष व्याप्त था 19वीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध मैं लगभग 7 अकाल पड़े जिसके कारण लगभग 15 लाख व्यक्तियों की मौत के मुंह में जाना पड़ा " ।