1857 का विद्रोह - 8

" सैनिक कारण "

1- भारतीय सैनिकों में संतोष -

                                            अंग्रेजों का भारतीय सैनिकों के प्रति अच्छा व्यवहार नहीं था भारतीय सैनिकों अंग्रेज सैनिक के मुकाबले बहुत कम वेतन तथा भत्ते दिए जाते थे सेना में केवल उच्च पदों पर अंग्रेजों को रखा जाता था सब भारतीयों को उच्च पदों के योग्य नहीं समझा जाता था सेना में एक सूबेदार का वेतन केवल ₹35 मासिक था जबकि अंग्रेज सूबेदार का वेतन ₹195 मासिक वेतन मिलता था इस प्रकार एक भारतीय सैनिक को केवल ₹8 मासिक वेतन मिलता था जब के अंग्रेज सैनिकों को 70रुपये तक मासिक वेतन मिल जाता है इससे भारतीय सैनिकों असंतोष व्याप्त था ।

2- अवध का विलीनीकरण -

                                         1856 में अंग्रेजों ने अवध को ब्रिटिश साम्राज्य में सम्मिलित कर लिया से बंगाल की सेना में तीव्र आक्रोश उत्पन्न हुआ क्योंकि बंगाल की सेना में अधिकांश अवध के नागरिक थे अवध में परिणाम स्वरुप 60 हजार सैनिक बेरोजगार हो गए अतः उसने अंग्रेजों के विरुद्ध तीव्र आक्रोश था मौलाना आजाद का कथन था कि अवध को अंग्रेजी राज्य में मिलाये जाने से सभी सैनिको में विद्रोह की भावना उप्तन्न हो गई । मुख्ययता बंगाल की सेना के लोगों को बहुत बड़ा धक्का लगा कि कंपनी ने जो शक्ति उनकी सेवाओं और त्याग से प्राप्त की थी   उसका    उपयोग उन्होंने उनके ही राजा को  समाप्त करने के लिए किया गया था ।

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