1857 का विद्रोह - 12

5- 1857 की क्रांति को जनसाधारण का समर्थन प्राप्त था क्रांतिकारी अपने समिति संसाधनों से शक्तिशाली  ब्रिटिश साम्राज्य से लगभग 1 वर्ष तक लोहा लेते रहे इससे सिद्ध होता है कि क्रांतिकारियों को जनसाधारण का समर्थन प्राप्त था अंग्रेज सेनापति जनरल हैवलाक को अपने सैनिकों को नदी पार कराने के लिए न ही नौकाए ही प्राप्त हो सकी और ना ही नाविक ।

   डॉ एस. एन . सेन के अनुसार या विद्रोह राष्ट्रीय के  अभाव में भी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम था ।

           1857 के विद्रोह की असफलता एवं इसके परिणाम - 

प्रस्तावना -

              1857 की क्रांति को अंग्रेज ने लगभग 2 वर्षों के भीतर पूर्णतः दवा दिया भारतीयों का यह विद्रोह अंग्रेजों को भारत से निकाल बाहर करने का अंतिम सशस्त्र प्रयास था इसने भारतीय सैनिक जिनकी संख्या अंग्रेज सैनिकों से कई गुनी थी ने प्रमुख रूप से भाग लिया था और उन्हें कई क्षेत्रों में नागरिकों का भी समर्थन प्राप्त हुआ था फिर भी अंग्रेजी विद्रोह का दमन करने में असफल रहे और भारतीयों को पराजय का मुंह देखना पड़ा 1857 में विप्लव भारतीय इतिहास की एक प्रमुख घटना है जिसके तत्कालीन और दूरगामी परिणाम निकले इस विद्रोह की असफलता से भारतीयों को बहुत सी शिक्षाएं भी दी इसका उपयोग  बाद में अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष ने किया दूसरी ओर भारतीयों की इस विद्रोह से  अंग्रेज शासकों को भी अपनी  शासन पद्धति में सुधार करने के लिए विवश किया इससे भविष्य में होने इस प्रकार के विद्रोह का सामना ना करना पड़े और भारत में उनका शासन स्थिर बना  रहे ।

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