वैदेशिक क्षेत्र -
भारत का विदेशी बाह्य सेक्टर वर्ष 2017 -18 में अब तक काफी समुुतथानशील सशक्त बना रहा। वर्ष 2017 -18 के प्रथम छमाही में भुगतान संतुलन के चालू लेखा घाटे का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 1.8% होने का सुखद अनुभव जारी है।
वाणिज्य वस्तु के निर्यातों में अप्रैल - दिसंबर 2017 में 12.1% की वृद्धि के साथ उछाल आया ,निवल सेेवा प्राराप्त में 14.6% की वृद्धि और वर्ष 2017 -18 की प्रथम छमाही में निबल विदेशी निवेश बढ़कर 17.4% हो गया
विदेशी कर्ज के सूचको में सुधार जारी रहा। इन प्रमुख सुधारों को कार्यान्वित करते समय प्रारंभ हो चुनौतियों से उबरने में बजट में सहायक कार्रवाइयों विदेशी व्यापार नीति की मध्य अवधि समीक्षा और जीएसटी से संबंधित सामयिक नीति परिवर्तनों में मदद मिली।
कृषि एवं खाद्य प्रबंधन -
भारत में 50% कृषि मानसून पर निर्भर है इसलिए अनिश्चितता बनी रही।
22 दिसंबर 2017 को लगाए गए अनुमान के अनुसार 2017 -18 में खरीफ फसलों के उपज 134.7 मिलियन टन रहने का अनुमान है जो की 2016-17 की तुलना में 3.9 मिलियन टन कम है।
दालों की उपज 2017 - 18 में 8.7 मिलियन टन रहने का अनुमान लगाया गया है।