भारत में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों का आगमन-1

भारत में यूरोपीय व्यापारिक कम्पनियों का आगमन-1

आने का क्रम-

(1) पुर्तगाली, (2) डच, (3) अंग्रेज, (4) डेन, (5) फ्रांसीसी

      पुर्तगाली ईस्ट इंडिया कम्पनी       1498ई0

      अंग्रेजी ईस्ट इंडिया कम्पनी        1600ई0

      डच ईस्ट इंडिया कम्पनी           1602ई0

      डेनिस ईस्ट इंडिया कम्पनी        1616ई0

      फ्रांसीसी ईस्ट इंडिया कम्पनी       1664ई0

      स्वीडिश ईस्ट इंडिया कम्पनी             1731ई0

      20 मार्च 1498ई0 में वास्कोडिगामा ने भारत के पश्चिमी तट पर स्थित कालीकट बन्दरगाह (केरल तट) पहॅँचकर भारत एंव यूरोप के बीच समुद्री मार्ग की खोज की। ;प्डच्द्ध

      कालीकट के तट पर वास्कोडिगामा का स्वागत कालीतट के शासक जमोरिन ने किया था।

      1505 ई0 में फ्रांसिस्कों की अल्मेडा भारत में प्रथम पुर्तगाली वायसराय बनकर भारत आया।

      1509 ई0 अल्बुकर्क भारत का अगला गर्वनर बनकर आया। उसे भारत मे पुर्तगाली साम्राज्य का वास्तवित संस्थापक माना जाता है।

      अलबुकर्क ने 1510 ई0में बीजापुर के शासक युसुफ आदिल शाह से गोवा को जीत लिया।

      पुर्तगालियो ने अपनी पहली व्यापारिक कारखाना कोचीन में खोला।

      पुर्तगाली के बाद डच भारत आयें।

      1595-96ई0 में कार्नेलियस डहस्टमान के नेतृत्व मेें पहला डच अभियान भारत पहुँचा।

      1605ई0 में मुछलीपट्टनम में प्रथम डच फैक्ट्री की स्थापना की। ;प्डच्द्ध

      डचों का भारत में अन्तिम रूप से पतन 1759ई0 में डचों एवं अग्रेजों के मध्य लडे़ गये बेदारा युद्व मंे हुआ।

-शेष अगले भाग में

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