पिछले लगभग 2 शताब्दियों में माननीय जनसंख्या के प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ते दबाव के फलस्वरूप वनों का तेजी से विनाश हुआ है । विश्व के विभिन्न भागों में वनों का तेजी से होता सफाया मानव जाति के अस्तित्व पर मंडराता एक गंभीर खतरा है । वृक्षों की मानव के लिए महती आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक वर्ष 21 मार्च को विश्व वन दिवस मनाया जाता है ।
वन विनाश के कारण :-
वन विनाश के कारणों में निम्नलिखित 8 कारण उल्लेखनीय है :
- वनों तथा चारागाह क्षेत्रों का कृषि भूमि में परिवर्तन।
- अनियंत्रित पशु चारण।
- वनों में आग का लगना।
- दोषपूर्ण वन नीतियां।
- बढ़ता औद्योगीकरण व नगरीकरण ।
- ऊर्जा उत्पादन के रूप में लकड़ी का उपयोग।
- बांध या सड़क निर्माण।
- कीड़ों, दीमकों तथा बीमारियों का प्रकोप।
वनोन्मूलन से उत्पन्न समस्याएं :-
वनों के काटने से मानव को तत्कालिक आवश्यकताओं की आपूर्ति तो हो जाती है, लेकिन इससे कोई दीर्घकालीन एवं अंतर संबंधित समस्याओं का जन्म होता है। वनोन्मूलन से उत्पन्न विभिन्न प्रभावों एवं समस्याओं की विवेचना प्रमुख रूप से निम्न 7 शीर्ष को के अंतर्गत की जा सकती है:
- भूमि क्षरण।
- बाढ़ तथा सुखा।
- औद्योगिक कच्चे माल की आपूर्ति में बाधा।
- अल्पविकसित देशों में इमारती एवं जलावन लकड़ी का अभाव।
- दुर्लभ जंगली जंतु प्रजाती एवं पादप प्रजातियों के विलुप्त होने की आशंका।
- जलाशयों के अस्तित्व को खतरा।
- जलवायु पर प्रभाव