जीव मंडल की असंख्य प्रजातियां जो भिन्न-भिन्न स्थानों पर निवास करती हैं। जैव विविधता का द्योतक है।
- जैव विविधता संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि समग्र समस्या का समाधान कितनी अच्छी तरह से किया गया है ।
- केवल संरक्षण इलाकों का इस्तेमाल करके किसी क्षेत्र में सभी विषयों का संरक्षण संभव नहीं है ।
- जैव विविधता संरक्षण और निर्वाह शील प्रयोग को निर्दिष्ट संरक्षण इलाकों के बाहर भी प्राप्त करना चाहिए ,जिनमें सुरक्षित इलाके भी शामिल है ।
- इस संरक्षण को आसपास के प्राकृतिक और रूपांतरित इलाकों में प्राप्त करना होगा ।
- विविधता उच्च विविधता और स्थानीय वाले इलाकों में संकटग्रस्त अनूठे आवासों की स्थापना और बहाली भी संरक्षण और निर्वाचित प्रयोग में सहायता करेगी।
- क्रियाकलापों जिनको किसी आर्थिकी में उत्पादक क्षेत्रों के भीतर जैव विविधता प्रबंधन में अंतर निहित है, उनके कारण लंबी अवधि के निर्वाह शीलता प्राप्त हो सकती है।
- जैव विविधता की हानि में निहित कारणों को समझने में भी मदद मिलेगी अनेक सेक्टर जैसे वानिकी, कृषि, मत्स्य पालन और पर्यटन जैव विविधता की संपन्नता के आधार पर आरक्षित होते हैं ।
इनमें निम्नलिखित प्रयास शामिल हो सकते है :-
- जैव विविधता के संरक्षण और निर्वाचित प्रयोग के उद्देश्यों को भूमि के इस्तेमाल एवं संसाधन के इस्तेमाल की योजनाओं के साथ समाकलन।
- नियमन ढांचा और प्रोत्साहन तंत्रों की स्थापना ताकि प्राकृतिक संसाधन प्रयोगों पर आर्थिक क्रियाकलापों के दुष्प्रभाव को कम किया जाए।
- निवासी प्रबंधन और जैव विविधता के संसाधनों के इस्तेमाल की प्रौद्योगिकी के संयुक्त विकास के लिए सुगमता और हस्तांतरण तथा सहयोग की सुविधा निर्वाह उत्पादन और प्राकृतिक उत्पादों जैसे वन के गैर इमारती लकड़ी के उत्पादों फालतू चीजों की संबंधी जंगली चीजें और कृषि जैव विविधता से संबंधित उत्पाद को प्रोत्साहन जिसमें निर्वाचित उपज और बाजार की सामाजिक व्यवस्था का विकास और कार्यान्वयन भी शामिल है।
- पर्यावरण रूप से निर्वाह शील प्रकृति पर आधारित पर्यटन का विकास।
- निर्वाह शील प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के लिए सहभागी परियोजनाएं जिनमें प्रतिरोधक प्रतिबंधों की स्थानीय समुदायों की देशज समूहों और समाज के अन्य सेक्टरों द्वारा बनाई गई योजनाएं भी शामिल है।
- समाकलन पथ प्रदर्शक परियोजनाओं का आरंभन ताकि उन समुदायों की वैकल्पिक आजीविका प्राप्त हो सके, जो जैव विविधता संरक्षण और निर्वाचित प्रयोग से संबंधित हैं ।
अर्थात जीव वैज्ञानिक संसाधनों का निवासी इस्तेमाल उनके लंबी अवधि तक के संरक्षण के लिए पूर्व अपेक्षित है।