1857 का विद्रोह - 16

9-  सामान्य योजना तथा केंद्रीय संगठन का अभाव -

                                                                         क्रांतिकारियों में किसी सामान्य योजना एवं केंद्रीय संगठन का अभाव था इसके अभाव में क्रांतिकारियों को कुशल मार्गदर्शन नहीं मिल सका डॉ आर सी मजूमदार का कथन है" कि क्रांति की विफलता का एक महत्वपूर्ण कारण यह था क्रांतिकारियों के पास सामान्य योजना का तक केंद्रीय संगठन का अभाव था जो समस्त आंदोलन को मार्गदर्शन प्रदान कर सके "

10 - विद्रोहियों से जनता को कष्ट - 

                                                  विद्रोहियों ने लूटपाट मचाकर तथा साधारण जनता को कष्ट देकर उनकी सहानुभूति खो दी विद्रोहियों के पास रसद व धन का सदैव अभाव रहा जिससे उन्हें कृषकों व्यापारियों आदि से जबरन वसूली कर दूर करने का प्रयास किया इसे साधारण जनता में उनके प्रति घृणा फैल गई इसके अतिरिक्त जेलो को तोड़कर पेशेवर बदमाश और लुटेरे बाहर निकल गए चारों और विद्रोह की आड़ लेकर अराजकता फैलाने लगे और अत्याचार करने लगे अंग्रेजों ने देश में शांति व्यवस्था स्थापित कर दी थी तथा लुटेरे ठगो का अंत कर दिया था अतः साधारण जनता ने अपने देशवासियों की निकृष्ट शासन के बजाय विदेशियों की दास्तां में रहना स्वीकार किया और विद्रोहियों का साथ नहीं दिया ।

11- अनेक भारतीय नरेश द्वारा अंग्रेजों को सहायता देना -

         1857 के विद्रोह में अनेक भारतीय नरेशो ने अंग्रेजों की सहायता की पटियाला , नाभा , कपूरथला आदि के नरेश ने क्रांतिकारियों का विरोध किया और अंग्रेजों की यथासंभव सहायता की हैदराबाद के निजाम लेकर ग्वालियर के सिंधिया ने भी अंग्रेजों का साथ दिया ।

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