अवध किसान सभा

- यहां किसानों के असंतोष का मुख्य कारण तालुकदार  का व्यहार था 1856 तक ये लोग सिर्फ लगान के एक हिस्सा प्राप्त करते थे किंतु अब वह जमीन के मालिक बन गए ।

- 1918 में मौलवी  इंदनारायण द्विवेदी, गौरी शंकर मिश्र ने उत्तर प्रदेश किसान सभा का गठन किया जिसमें जवाहरलाल नेहरू का समर्थन प्राप्त था।

- 1919 में प्रतापगढ़ के समीपवर्ती क्षेत्र में नई धोबी बंद आंदोलन लोकप्रिय हुआ ।

रामचंद्र 

- मूलतः ये मराठी ब्राह्मण थे इन्हें अवध का गांधी भी कहा गया था ।

- स्थानीय किसानों की दुर्दशा देखते हुए किसान का नेतृत्व संभाला प्रतापगढ़ हुआ जौनपुर के किसानों के नेतृत्व करते हुए इलाहाबाद गये जहां इनकी सार्थक मुलाकात जवाहरलाल नेहरू व गौरीशंकर से हुई ।

- 1920 में अवध किसान सभा की स्थापना की गई जिसका प्रभाव क्षेत्र अवध मंडल था ।

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