संविधान के भाग 15 में अनुच्छेद 324 से 329 के मध्य एक संवैधानिक निर्वाचन आयोग का प्रावधान है । 25 जनवरी 1950 को निर्वाचन आयोग की स्थापना की गई इसलिए 25 जनवरी को मतदाता दिवस (2011 से ) के रूप में मनाया जाता है। 1993 के पश्चात यह आयोग बहुसदस्यी है। संसद एवं विधानसभाओं के निर्वाचन, राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति के निर्वाचन के साथ इसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक सलाहकार एवं अर्धन्यायायिक शक्तियां प्राप्त है । यह राजनीतिक दलों को मान्यता देना,निर्वाचन क्षेत्र को निर्धारित करना,चुनाव आचार संहिता लागू करना उसके गतिविधियों का संचालन करता है । रोचक है कि - स्थानीय निकायों (पंचायत यो नगर महापालिका) का चुनाव निर्वाचन आयोग द्वारा कराया जाता है । स्वतंत्र एवंं निष्पक्ष निर्वाचन को सुनिश्चित करने हेतु निर्वाचन आयोग को संवैधानिक संरक्षण दिया गयाा है । मुख्य निर्वाचन आयुक्त को महाभियोग उसके बाद (सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाने की प्रक्रिया के समान ) राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है । अन्य सदस्यों को मुख्य निर्वाचन आयुक्त की सलाह सलाह पर राष्ट्रपति द्वारा हटाया जाता है मुख्य निर्वाचन आयुक्त 6 वर्ष 65 वर्ष की आयु तक 6 वर्ष (62 वर्ष) तक पद धारण करते हैं।