चंद्रमा की विशेषताएं

पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा जीवाश्म ग्रह कहलाता है ।
चंद्रमा का पलायन वेग 2.38 किमी/ सेकंड है।

चंद्रमा का भार एवं घनत्व पृथ्वी की तुलना में कम है ।
चंद्रमा का मेण्टल ठोस तथा  दृढ़ है ।
चंद्रमा का भार पृथ्वी की तुलना में कम होने से चंद्रमा का पलायन वेग कम है।
 चंद्रमा के धरातल का तापांतर पृथ्वी की अपेक्षा अधिक है ।
चंद्रमा के सूर्यमुखी धरातल का तापमान 214 डिग्री सेंटीग्रेड तथा सूर्यविमुखी धरातल का तापमान 243 डिग्री सेंटीग्रेड है।
 चंद्रमा अपने अक्ष पर 29 दिन 12 घंटे 44 मिनट में एक  परिभ्रमण पूरा कर लेती है।
 पृथ्वी का चंद्रमा की सीध में स्थित बिंदु एक बार घूम कर पुनः 24 घंटे 50 मिनट पश्चात चंद्रमा के ठीक नीचे उसी देशांतर पर पहुंच जाता है।
चंद्रमा पृथ्वी के चारों तरफ अपने दीर्घवृत्ताकार कक्षा पर 27  दिन 7 घंटे 43 मिनट में एक परिक्रमा पूरा करती है ।
चंद्रमा पृथ्वी के जब सर्वाधिक दूर होता है तो उसे अपभू तथा सर्वाधिक निकट की स्थिति को उपभू कहा जाता है ।
चंद्रमा की घूर्णन एवं परिक्रमा अवधि समान होती है ।
पृथ्वी से चंद्रमा के धरातल का मात्र आधा भाग ही दिखाई देता है ।
चंद्रमा के धरातल का तापांतर 427 डिग्री सेंटीग्रेड होता है ।
चंद्रमा के पीछे का भाग जो हमको पृथ्वी से नहीं दिखाई देता अत्यधिक ठंडा रहता है जिसे शांत सागर कहा जाता है ।
सूर्य पृथ्वी तथा चंद्रमा की रेखीय  स्थिति सिजिगी कहलाती है ।
जब पृथ्वी एवं सूर्य के मध्य चंद्रमा होता है तो सूर्य ग्रहण होता है यही स्थिति अमावस्या में होती है ।
पृथ्वी की स्थिति जब सूर्य एवं चंद्रमा के मध्य होती है तो चंद्र ग्रहण होता है चंद्र ग्रहण पूर्णमासी को पड़ता है।
सूर्य ग्रहण तथा चंद्र ग्रहण में ग्रहण से प्रभावित भाग का केंद्रीय काला भाग अंब्रा तथा उसके चतुर्दिक  धुंधला दिखने वाला भाग पेनब्रा कहलाता है।
 20 जुलाई 1969 को मानव ने चंद्रमा पर पहला कदम रखा था ।
चंद्रमा का कच्छीय प्लेन पृथ्वी के क्रांतिक के सापेक्ष 5 अंश झुका है ।
जिसके फलस्वरूप चंद्रमा पृथ्वी की परिक्रमा करते समय एक बार उत्तरी अक्षांश तथा एक बार दक्षिणी अक्षांश तक जाता है।
 चंद्रमा से पृथ्वी की औसत दूरी 3,84,400 किलोमीटर है।

Posted on by