रासायनिक प्रभाव

शुद्ध जल विद्युत का कुचालक होता है, लेकिन जब जल में किसी धातु से लवण, अम्ल तथा क्षार घुले रहते हैं, तो ऐसे घोल विद्युत का सुचालक हो जाता है । ऐसे घोल जिससे विद्युत धारा गुजर सकती है, विद्युत आपघटय (electrolyte) कहलाता है l जब किसी लवण, अम्ल तथा छार घुले जलीय घोल में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है, तो उसका विद्युत अपघटन (Electrolysis) होता है अर्थात उस विलियन का धनात्मक व ऋणआत्ममक आयनो में अपघटन (Decomposition) हो जाता है l इस घटना को विद्युत धारा का रासायनिक प्रभाव कहते हैं। जिस उपकरण में घोल का विद्युत अपघटन होता है, उसे बोल्टमीटर कहते हैंl धातु के दो चालक जो वोल्टमीटर में धारा के प्रवेश और निर्गम के लिए लगे रहते हैं उसे एनोड  कहलाते हैं जिस इलेक्ट्रोड होकर धारा वोल्टमीटर में प्रवेश करती है उसे एनोड तथा जिससे होकर बाहर निकलती है उसे कैथोड कहते हैं 
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