लार्ड हेस्टिग्स (1813-1823)
इसके समय में आंग्ल नेपाल युद्व हुआ।
इस युद्व की समाप्ति 1816ई0 मंे संगोली की सन्धि में हुयी।
इसके समय में पिंडारियों का दमन कर दिया गया।
पिंडारियों के प्रमुख नेताओं मे वासिल मुहम्मद, चीतू एवं करीम खाँ थे। इनका दमन टामस हिस्लोप ने की।
इसके शासन काल में मराठो की शक्ति को अन्तिम रूप से नष्ट कर दिया गया।
लार्डविलियम बंेटिक (1828-1835)
1803ई0 में मद्रास का गवर्नर था।
इसी के समय में 1806ई0 में माथे पर जातीय चिन्ह न लगाने तथा कानों में बाली न पहनने देने पर बेल्लौर में सैनिकों ने विद्रोह कर दिया।
1833ई0 चार्टर के तहत इसे भारत का पहला गर्वनर जनरल बना दिया गया।
वैंटिक ने सती प्रथा को कानून बनाकर 1829ई0 में धारा 17 के अनुसार विधवाओं के सती होने को अवैध घोशित कर दिया गया।
बंेटिक ने कर्नल स्लीमैन की सहायता से ठगी प्रथा को पूर्णतः समाप्त कर दिया।
1835ई0 मे बेंटिक ने कलकत्ता में मेडिकल कालेज की स्थापना की।
इसी के समय में मैकाले की अनुशंसा पर अंगें्रजी को शिक्षा का माध्यम बनाया गया।
इसके समय 1833ई0मंे चार्टर की धारा 87 के द्वारा सरकारी सेवाओं में भेदभाव का अन्त कर दिया गया।
बंेटिक ने सर्वप्रथम कमिश्नर की नियुक्ति की
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