गवर्नर जनरल-3

लार्ड आकलैंड (1836-1842)

      इसी के समय में प्रथम आंग्ल अफगान युद्व लड़ा गया।

लार्ड एलनवरो (1836-1842)

      इसी के समय में 1843ई0 में सिन्ध का विलय कर लिया गया था।

      लार्ड एलनवरो ने 1843ई0 के अधिकार 5 के द्वारा दास प्रथा का अन्त कर दिया गया।

लार्ड हार्डिग (1844-48)

      इसी के समय में प्रथम आंग्ल सिख युद्व लड़ा गया था।

      नरबलि का दमन करने के लिये कैम्पबेल की नियुक्ति की।

लार्डडलहौजी (1848-1849)

      इसी के समय में 1849ई0 में पंजाब का विलय कर लिया गया था।

      डलहौजी ने 1852ई0 मंे लोवर वर्मा तथा पीगू का विलय कर लिया।

      डलहौजी का शासन काल उसके व्यपगत सिद्वान्त के कारण सर्वाधिक चर्चा में रहा।

      सर्वप्रथम 1848ई0 में सतारा, जैतपुर, और संभल को 1849 ई0 व धार 1850 ई0 उदयपुर 1852ई0 झाँसी 1853 ई0 तथा नागपुर 1854ई0 मंे हड़प लिया।

      सन् 1856 ई0 मंे अवध को कुशासन का आरोप लगाकर अंग्रेजी राज में मिला लिया।

      शिक्षा सम्बन्धी सुधारों के लिए डलहौजी ने 1854ई0 में वुड डिस्पैच को लागू किया जिसे भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है।

      डलहौजी के समय में भारत में 1853ई0 में प्रथम रेलगाड़ी बम्बई से थाणे के बीच चली थी।

      डलहौजी के समय में प्रथम विद्युत तार सेवा कलकत्ता से आगरा के बीच प्रारम्भ हुयी।

      इसी के समय में 1854ई0 में पहली बार डाक टिकटों का प्रारम्भ किया गया था।

      डलहौजी के शासन काल में पहली बार एक सार्वजनिक निर्माण विभाग बनाया गया और गंगा नहर का कार्य पूरा किया गया।

      वाणिज्य सुधार के लिये इसने भारत के बन्दरगाहों को अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार के लिये खोल दिया।

      डलहौजी ने 1854ई0 मे लोक शिक्षा विभाग की स्थापना की।

-शेष अगले भाग में

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