➡4 मई 2018 को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने भारत और कुवैत के मध्य दोहरे कराधान बचाव समझौते में संशोधन अधिसूचित किया।
➡संशोधन के पश्चात अब दोनों देशों के मध्य अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सूचनाओं का आदान प्रदान किया जा सकेगा।
➡सूचनाओं का आदान-प्रदान दोनों देशों को कर चोरी के विरुद्ध कड़े कदम उठाने में और भी दक्ष बनाएगा।
➡यह 15 जून ,2006 को हस्ताक्षरित डीटीएए तथा 15 जनवरी, 2017 को हस्ताक्षरित राजकोषीय चोरी की रोकथाम हेतु समझौते में संशोधन करता है।
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य ➡
➡यह संशोधन 26 मार्च 2018 से प्रभावी है ।
➡उल्लेखनीय है कि दोहरा कराधान एक ऐसी स्थिति है, जहां एक ही आए पर एक ही कंपनियां व्यक्ति एक से अधिक देश में कर देता है ।
➡ दोहरा कराधान बचाव समझौते का मुख्य उद्देश्य करदाताओं को सामान आय पर अलग-अलग देशों में एक बार से अधिक कर देने से बचाना है ।