1909 का भारत परिषद अधिनियम (मार्लो मिंटो सुधार ) 1. पहली बार मुस्लिम समुदाय के लिए पृथक प्रतिनिधित्व का उपबंध किया गया । इसके अंतर्गत मुस्लिम सदस्यों का चुनाव मुस्लिम मतदाता ही कर सकते थे । इस प्रकार इस अधिनियम ने सांप्रदायिकता को वैधानिकता प्रदान की और लार्ड मिंटो को सांम्प्रदायिक निर्वाचन के जनक के रूपके रूप में जाना गया ।
2 भारतीयों को भारत सचिव एवं गवर्नर जनरल की कार्यकारिणी परिषदो में नियुक्त की गई ।
3 केंद्रीय और प्रांन्तीय विधान-परिषदों को पहली बार बजट पर वाद-विवाद करने, सार्वजनिक हित के विषयो पर प्रस्ताव पेश करने, पूरक प्रश्न पूछने और मत देने का अधिकार मिला ।
4 प्रांतीय विधान परिषद की संख्या में वृद्धि की गई ।
5 सत्येद्र प्रसाद सिन्हा वायसराय की कार्यपालिका परिषद के प्रथम भारतीय सदस्य बने। उन्हें विधि सदस्य बनाया गया ।
6 इस अधिनियम के तहत प्रेसिडेंट कार्पोरेशन, चेंबर ऑफ कॉमर्स, विश्वविद्यालय और जमींदारों के लिए अलग प्रतिनिधित्व का प्रावधान किया गया।