दोस्तों आज हम इस e-note में जीवन से जुड़ी कुुुछ सच्चाइयों के बारे में बात कहने वाले हैं । कि लोग मेहनत (Hard work) तो करते हैं और अपना दिन-रात एक कर देते हैं। वह अधिक से अधिक Time तक work करते हैं और सफलता के लिए लगाए गए समय के हिसाब से ही Result चाहते हैं।
इसी प्रकार कुछ student अधिक से अधिक समय तक study करके अधिक से अधिक नंबर लाने के बारे में सोचते हैं।
लेकिन अधिक समय तक कार्य करने से कार्य का परिणाम भी उतना ही अच्छा रहे, यह कोई जरूरी नहीं है।
जी हाँ! यह बात बिलकुल सही है। किसी कार्य के लिए अधिक समय देना उस कार्य में सफल (Success) होने की गारंटी नहीं होती।
जिस प्रकार एक स्टूडेंट द्वारा पढ़ाई के लिए अधिक Time देना अच्छे रिजल्ट की गारंटी नहीं होती। क्योकि सफलता आपके द्वारा दिए गए समय की गति पर पर आधारित नहीं होती बल्कि वह आपके द्वारा किये गए कार्य की प्रगति (Progress) पर आधारित होती है।
अतः इस बात की गलतफहमी में न रहें कि किसी कार्य में अधिक समय देने से सफलता मिल सकती है। क्योकि यदि हम किसी Gym में रखी हुई running machine को देखें जिस पर कोई व्यक्ति वर्कआउट कर रहा है तो हम पाते हैं कि वह व्यक्ति 1 घंटे तक गति (Motion) तो कर रहा है लेकिन प्रगति (Progress) बिलकुल भी नहीं कर रहा। अर्थात एक घंटे तक दौड़ने के बाद भी वह व्यक्ति उसी स्थान पर रहा जहाँ पर वह एक घंटे पहले खड़ा था।
अतः कार्य में लगने वाला समय Important नहीं है, Important तो वह परिणाम (Result) है जिससे हमें सफलता मिलती है। यदि किसी कंपनी का कोई कर्मचारी यह कहता है कि वह आठ घंटे काम करता है लेकिन उसे आठ घंटे के हिसाब से Salary नहीं मिलती हैं। अतः उसकी salary बढ़नी चाहिए।
जबकि यदि कंपनी के मालिक से पूछें तो उसका कहना है कि यह कर्मचारी 10000 Rs. लेता है जबकि वह काम 8000 Rs. का ही करता है। तो इस हिसाब से तो उस कर्मचारी की salary नहीं बढ़नी चाहिए बल्कि और कम कर देनी चाहिए।
दोस्तों, इस उदाहरण से हमें पता चलता है कि कर्मचारी के लिए कंपनी में लगने वाला समय महत्वपूर्ण है जबकि मालिक के लिए वह कार्य महत्वपूर्ण है जो उस कर्मचारी के द्वारा किया गया।