प्रवाल भित्तिः------

 
प्रवाल भित्ति प्रवाल एक समुद्री जीव है जो उष्णकटिबंधीय महासागरों में पाया जाता है यह अपना निर्वाह चूने से करता है।
 प्रवाल के विकास के लिए तापमान, सूर्य किरणों के प्रवेश तक की समुद्रिक गहराई, अवसाद मुक्त जल, सामान्य सामुद्रिक लवणता आवश्यक है ।
प्रवाल भित्तियों का निर्माण कर्क एवं मकर रेखाओं के मध्य स्थित स्थलों के पूर्वी एवं पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में पाई जाती है प्रवाल भित्ति महासागर क्षेत्र के 0.1% क्षेत्र  से भी कम क्षेत्रफल को  अच्छादित करती है। 
तटीय प्रवाल भित्ति महाद्वीपों के किनारे निर्मित होने वाले प्रवाल भित्ति को कहते हैं जैसे मन्नार की खाड़ी में स्थित प्रवाल भित्तियां।
 सागर तट के समानांतर कुछ दूरी पर स्थित प्रवाल भित्ति को अवरोधक प्रवाल भित्ति कहते हैं। जैसे विश्व की सर्वाधिक लंबी प्रवाल भित्ति ग्रेट बैरियर रीफ जो ऑस्ट्रेलिया महाद्वीप के पूर्वी भाग भाग के पूर्वी भाग में स्थित क्वींस्लैंड एवं न्यू साउथ वेल्स राज्य के उत्तर पूर्व में प्रशांत महासागर में स्थित है।
ऐसी प्रवाल भित्ति जो किसीे द्वीप के चारों ओर अंडाकार रुप में पाई जाती है,प्रवाल वलय कहलाती कहलाती है जैसे विश्व प्रसिद्ध फुराफूटी एटाल एवं लक्ष्य द्वीप समूह के एटाल आदि।
 सर्वाधिक एटाल एंटीलीज सागर में पाए जाते हैं।

प्रवाल भित्तिओं की उत्पत्ति संबंधित सिद्धांत निम्न है।
अवतलन सिद्धांत              -             डार्विन 
हिमानी नियंत्रण सिद्धांत।     -            डेली

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