कलाई की सेना में 950 यूरोपीय पैदल, 100 यूरोपीय तोपची, 2550 नाविक और 2100 भारतीय सैनिक थे । नवाब की सेना में लगभग 50000 थी । युद्ध में मीर जाफर ने धोखा दिया। नवाब की ओर से अमीर मदान, मोह नलाल एवं कुछ फ्रांसीसी सैनिक ने भाग लिया। मीर मदान युद्ध मारा गया और अग्रेज विजाई हो गए । नवाब भागकर मुर्शिदाबाद पहुंचा जहां मीर जाफर के लड़के मिरन नेे मोहम्मद बेग द्वारा उसका कत्ल करवा दिया । प्लासी (नदियों जिलेे में गगा तट पर स्थित) के युद्ध में बंगाल सेना के 500 सैनिक मरे तथा इतने ही जख्मी हुए जब अंग्रेज सेना के 23सैनिक मारे तथा 49 जख्मी हुए । इस प्रकार कहा जा सकता है कि मीरजाफर ने पद कीी लालसा में राष्ट्र सेेेे गद्दारी की थी । युद्ध के बाद कंपनी को 24 परगने की जिम्मेदारी प्राप्त हुई, जिससे उसकी आय में वृद्धि हुई । इसके साथ ही दोस्तको का और भी अधिक दुरुपयोग शुरू हो गया ।क्लाइव को ₹234000 भेंट मिला और ₹50000 सेना तथा नावीको के लिए मिला ।