लाल रंग और बैगनी रंग के फल - इस प्रकार के फलों में प्राकृतिक एन्थोवेनिन्स नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंटस पाए जाते हैं, जो रक्त में थक्का का निर्माण नहीं होने देते हैं, जिसके कारण हृदय रोगों में जोखिम कम हो जाता है । बैगनी रंग के फलों में कैंसर रोधी तत्व पाए जाते हैं ,जबकि लाल रंग फलों के रेशा ओमेगा-3 एंटीऑक्सीडेंट व लाइकोपीन कोलेस्ट्रोल को भी कम करते हैं।
सफेद रंग के फल - इस रंग की फलों/सब्जियों से फ्लैबोनाइट्रस व एलिसिन नामक तत्व पाए जाते हैं जो कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाते हैं ।
पीले रंग के फल -पीले रंग वाले फलों की एक विशेषता यह होती है कि वे रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करते हैं ,क्योंकि इनमें बीटा काइपटाक्सैनथिन नामक एंटीऑक्साइड पाया जाता है , जो कोशिकाओं को नष्ट होने से बचाता है और नेत्रों में ज्योति की वृद्धि करता है पीले रंग के फलों में विटामिन सी प्रचुर मात्रा में पाई जाती है ,जो शरीर में प्रतिरोधक तंत्र को सुदृढ़ करती है ।विटामिन C की पर्याप्त मात्रा से दांतो की सुरक्षा भी होती है।
हरे रंग के फल - हरे फल इस बात के सूचक होते हैं कि अमुक लौह आयरन से परिपूर्ण होते हैं । इस प्रकार के फलों में ल्यूटीन एवं जियोजन्थिन नामक तत्व पाए जाते हैं जो नेत्रों को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं इस प्रकार के फलों में विटामिन बी ,विटामिन सी होते हैं जो मानसिक तनाव को कम करते हैं ।
नारंगी रंग के फल- इस रंग के फल प्राकृतिक विटामिन ए से परिपूर्ण होते हैं । इनमें beta-carotene भी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है ,जो नेत्रों व त्वचा को स्वस्थ रखने में सहायक होते हैं इससे आस्टीयोथेरीसिस हड्डी संबंधी रोगों के खतरे को कम करते हैं । पीले-नारंगी रंग के फलों के सेवन से ठंड व जुकाम से बचाव होता है ।