गवर्नर जनरल-5

लार्डलिटन (1876-1880)

      यह एक प्रसिद्व उपन्यासकार, निबन्धकार, लेखक एवं साहित्यकार था।

      साहित्य जगत में यह ओवन मैरिडिथ के नाम से प्रसिद्व था।

      इसके समय में बम्बई,मद्रास, हैदराबाद, पंजाब तथा मध्य भारत आदि में भयानक अकाल पड़ा ।

      लिट्न ने रिचर्ड स्टेªची की अध्यक्षता मे अकाल आयोग की स्थापना की ।

      1 जनवरी 1877ई0 को दिल्ली में प्रथम दिल्ली दरबार का आयोजन किया गया। जिसमें व्रिटेन की महारानी विक्टोरिया को कैसर-ए-हिन्द उपाधि से विभूषित किया गया ।

      मार्च 1878ई0 में लिट्न ने भारतीय समाचार पत्र अधिनियम(वर्नाक्यूलर पे्रस एक्ट) पारित कर भारतीय समाचार पत्रों पर कठोर प्रतिबन्ध लगा दिया।

      भारतीय शस्त्र अधिनियम 1878ई0 परित हुआ। जिसके तहत शस्त्र रखने के लिये लाइसेन्स अनिवार्य कर दिया गया।

      सिविल सेवा परीक्षा की उम्र 21 से घटाकर 19 वर्श कर दी गयी।

      इसी के समय में 1878-1886 ई0 द्वितीय अफगान युद्व हुआ।

लार्ड रिपन (1880-1884)

      यह भारत का सर्वाधिक लोकप्रिय गवर्नर जनरल था।

      फ्लोरंेस नाइटिंगेल ने रिपन को भारत के उद्धारक की संज्ञा दी।

      प्रथम वास्तविक जनगणना 1881ई0 मंे रिपन के शासन काल में प्रारम्भ हुयी।

      रिपन का काल स्थानीय स्वशासन के जन्म का काल माना जाता है।

      1881ई0 मंे प्रथम फैक्ट्री अधिनियम इसी के शासन काल में पारित हुआ।

      रिपन ने नमक कर को कम कर दिया।

      1882ई0 मं हण्टर कमीशन का गठन किया जो प्राथमिक शिक्षा से सम्बन्धित था।

      वर्नाक्यूलर पे्रस एक्ट को 1882ई0 मे ंसमाप्त कर दिया गया।

      इल्वर्ट विल विवाद 1884 ई0 में रिपन के समय में हुआ-इल्वर्ट बिल विवाद के कारण ही रिपन ने कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व ही त्यागपत्र दे दिया।

      रिपन ने मैसूर राज्य को पुनः पुराने शासक को वापस कर दिया।

-शेष अगले भाग में

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