लार्ड डफरिन (1884-1888ई0)
इसी के समय में 1885 ई0 में बंगाल में टैनेन्सी एक्ट पारित हुआ, जिसके अन्र्तगत अब जमीदार अपनी इच्छानुसार किसानों की भूमि छीन नही सकते थे।
डफरिन के समय-28 दिसम्बर 1885ई0 को बम्बई में ए0ओ0ह्यूम के नेतृत्व मेें भारतीय राष्ट्रीय कांग्र्रेस का गठन किया।
लार्ड डफरिन ने वर्मा के तीसरे युद्व में वर्मा को जीत कर अंग्रेजी राज्य में मिला लिया था।
लार्ड लैन्सडाउन (1888-94)
इसी के समय में 1891ई0 में दूसरा कारखाना अधिनियम लाया गया।
महिलाओं को 11 घंटे से अधिक काम करने पर प्रतिबन्ध लगाया गया।
लार्ड एल्गिन द्वितीय (1894-99)
इसने घोषणा की कि हमने भारत को तलवार के बल पर जीता है और तलवार के ही बल पर ही इसे अधीन रखेगें।
लार्ड कर्जन (1899-1905)
यह भारत का सर्वाधिक अलोक प्रिय वायसराय था।
1898-1900ई0 के बीच भयंकर अकाल पड़ा।
इसने यह सर एण्टनी मैकडाँनल की अध्यक्षता में एक अकाल आयोग का गठन किया।
सन् 1901ई0 में सर कालिन स्काट मान क्रीफ की अध्यक्षता में एक सिचाई आयोग का गठन किया गया।
1902ई0 मंे सर एण्ड्रय फ्रेजर की अध्यक्षता में एक पुलिस आयोग गठन किया गया।
1902ई0 में सर टासम रैले की अध्यक्षता मंे विश्वविद्यालय आयोग गठित किया गया और इसी के आधार पर विश्वविद्यालय अधिनियम, 1904 परित किया गया।
कर्जन इतिहास एवं पुरातत्व का विद्वान था।
1904 में कर्जन ने प्राचीन स्मारकों की रक्षा के लिये एक अधिनियम पाारित किया।
1905ई0 में बंगाल विभाजन किया।