केमिस्ट्री की शुरुआत सबसे पहले भारत में हुई थी भारत में इसे रसायन के नाम तथा रूप में जाना जाता है जिसका अर्थ होता है रस का आयन ग्रहण करने वाला होता प्राचीन काल में धातुओं के भश्म को रसायन के नाम से जाना जाता है। फ्रांस के वैज्ञानिक लैवाशिये आज इस क्षेत्र में विशेष योगदान रहा है इसलिए लैवासियों को फादर आफ केमिस्ट्री कहा जाता है।
पदार्थ एवं उसकी प्रकृति -
सभी प्रकार के पदार्थ द्रब्य के रूप होती हैं। जो स्थान घेरती है इसमें कुछ द्रव्यमान होता है जिस में भार होता है तथा जो ज्ञान इंद्रियों के अनुभव किया जाता है द्रब्य की 5 अवस्थाएं हैं।
जब बहुत कम घनत्व वाली गैसों को धीरे धीरे ठंडा किया जाता है तो प्राप्त द्रव्य का रूप कहते हैं।
द्रविड़ की ऐसी स्थिति जिसमें एक अवस्था से दूसरे अवस्था में बदलने के बाद जब अपनी पुरवा अवस्था में आ जाती है, तो उसे भौतिक परिवर्तन कहा जाता है। जैसे जल से बर्फ बन्ना, लोहे को गर्म करना, इसी प्रकार जब अपनी पूर्व अवस्था में नहीं आ पाते हैं तो उसे रासायनिक परिवर्तन करते हैं।
जैसे दूध से दही बनना लोहे में जंग लगना लोहे में जंग लगने के लिए ऑक्सीजन और नवी दोनों की आवश्यकता होती हैऔर जंग लगने के बाद उसका भाग पहले की अपेक्षा बढ़ जाता है।