इंडिया न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी

राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण 2 नवंबर 2018 को इंडिया न्यूट्रिनो ऑब्जर्वेटरी को प्राप्त पर्यावरणीय मंजूरी को स्वीकृति दे दी। ngt की मंजूरी मिलने के बाद न्यूट्रिनो वेधशाला के निर्माण से जुड़ी मौजूदा कानूनी बाधाएं समाप्त हो गई है। यह न्यूट्रिनो वेधशाला एक प्रस्तावित भूमिगत शोध सुविधा है जिसकी स्थापना तमिलनाडु के थेनी जिले के बोडी वेस्ट पहाड़ियों में स्थित पोट्टी पुरम में की जाएगी। विदित हो कि न्यूट्रिनो अत्यधिक सूक्ष्म और प्राथमिक कण है जो ब्रह्मांड में सर्व व्यापी होते हैं इन कणों की पहचान करना अत्यधिक मुश्किल है क्योंकि यह कण सभी प्रकार के पदार्थों से निर्बाध रूप से गुजरते रहते हैं। न्यूट्रिनो में कोई विद्युत आवेश नहीं होता।

निर्मित होने के बाद INO भारत में सबसे बड़ी रिसर्च फैसिलिटी होगी। यह भूमिगत प्रयोगशाला पृथ्वी की सतह से लगभग डेढ़ किलोमीटर की गहराई में स्थित होगी, जहां तक विशाल न्यूट्रिनो डिटेकटर रखा जाएगा ज्ञात हो कि केंद्र सरकार ने 2015 में इस परियोजना के लिए 1583 करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दे दी थी। इस रिसर्च फैसिलिटी के लिए पर्यावरण एवं वन मंत्रालय की विशेषज्ञ मूल्यांकन समिति  ने मार्च 2018 में ताजा पर्यावरणीय मंजूरी दी  थी, जिसे एनजीटी में चुनौती दी गई,नवीन घटना क्रम के तहत इसी चुनौती को एनजीटी ने खारिज किया

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