असम में 1955 के सिटिजनशिप एक्ट के तहत केंद्र सरकार पर देश में हर परिवार और व्यक्ति की जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी है। सिटिजनशिप एक्ट 1955 के सेक्शन 14ए में 2004 में संशोधन किया गया था, जिसके तहत हर नागरिक के लिए अपने आप को नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजंस यानी एनआरसी में रजिस्टर्ड कराना अनिवार्य बनाया गया था।
NRC से से जुड़ी मुख्य बातें
- NRC को पूरे देश में पहली और आखिरी बार 1951 में तैयार किया गया था। लेकिन इसके बाद इसे update नहीं किया गया था।
- NRC में भारतीय नागरिकों का लेखा-जोखा दर्ज होता है।
- असम इकलौता राज्य है जहां सिटिजनशिप रजिस्टर की व्यवस्था लागू है।
- 2005 में केंद्र, राज्य और All Assam Students Union के बीच समझौते के बाद असम के नागरिकों की दस्तावेजीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई।
- मौजूदा प्रकिया सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो रही है।
- सुप्रीम कोर्ट ने करीब दो करोड़ दावों की जांच के बाद 31 December 2018 तक NRC को सुची जारी करने का निर्देश दिया था।