वित्त आयोग

भारतीय संविधान के अनुच्छेद 280 में वित्त आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है ।

प्रत्येक 5 वर्ष पर केंद्र सरकार को सलाह देने के लिए राष्ट्रपति द्वारा वित्त आयोग का गठन किया जाता है जिसमें एक अध्यक्ष तथा चार अन्य अन्य अध्यक्ष तथा चार अन्य अन्य सदस्य होते हैं।

 भारत के प्रथम वित्त आयोग का गठन 1951 में के. सी. नियोगी की अध्यक्षता में गठित किया गया।

अब तक कुल 14 वित्त आयोग गठित किए गए हैं जिसमें वर्तमान में 14वें वित्त आयोग का गठन 2015 -20 तक के लिए डॉ. वी. वाई. रेड्डी.की अध्यक्षता में गठित किया गया है ।

वित्त आयोग अनुच्छेद-280 (3) के तहत संघ और राज्य के बीच करो के आगम का वितरण राज्यों को भारत की संचित निधि से अनुदान तथा राष्ट्रपति द्वारा निर्दिष्ट अन्य विषयों पर अपनी सिफारिश राष्ट्रपति के समक्ष पेश करता है।

 राज्य एवं पंचायतों के मध्य राज्य द्वारा वसूले गए करो, शुल्कों, पथकर आदि के वितरण के लिए राज्यपाल प्रत्येक 5 वर्ष पर अनुच्छेद 243 (1) के तहत राज्य  वित्त आयोग का गठन करता है।

ध्यातव्य है कि राज्य विधानमंडल ही राज्य वित्त आयोग के सदस्यों की योग्यताएं एवं चयन की रीति विहित करता है

राज्य वित्त आयोग राज्य सरकार तथा स्थानीय शासन के बीच राजस्व बंटवारे के बीच राजस्व बंटवारे के लिए उत्तरदायी है।

Posted on by