परीक्षा की दृष्टि से भारतीय इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य ।

भारतीय इतिहास के कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

1.ऋग वैदिक काल की अपेक्षा उत्तर वैदिक काल में स्त्रियों की दशा में गिरावट आयी । वैदिक कालीन स्त्री संबंधी कुछ उदाहरण निम्न है-
पुत्री समस्त दुखों का कारण है - ऐतरेय ब्राह्मण
स्त्रियों को पैसा और सुरा के साथ तीन प्रमुख बुराइयों में गिनाया गया है  - मैत्रायणी संहिता
याज्ञवल्क्य गार्गी से कहा कि अधिक बहस ना करो अन्यथा तुम्हारा सिर तोड़ दिया जाएगा - वृहदारण्यक उपनिषद
स्त्री को अर्धांगिनी कहा गया है - शतपथ ब्राह्मण

2. बौद्ध दर्शन के अनुसार द्वितीय आर्य सत्य 'दुख समुदाय' के कारण -कार्य सिद्धांतों को ही 'प्रतीत्यसमुत्पाद' के नाम से जाना जाता है । इसके अन्य नाम - हेतु परंपरा, कार्य कारण चक्र,  ब्रह्म चक्र, जीवन- मरण चक्र, इत्यादि हैं । 
 *  प्रतीत्यसमुत्पाद के अंतर्गत द्वादश निदान में दुख के 12 कारण -जरा -मरण, जाति, भव, उपादान, तृष्णा, वेदना, स्पर्श, षडायतन, नामरूप, विज्ञान, संस्कार और अविद्या (अंतिम कारण माना जाता है) हैं ।

3. बुद्ध ज्ञान प्राप्त के बाद सर्वप्रथम गया से ऋषि पत्तनम या मृगदाव (सारनाथ) पहुंचे जहां उन्होंने अपना प्रथम उपदेश दिया जिसे धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है ।
• महात्मा बुद्ध के साथ पांच ब्राह्मण- कौण्डिन्य, आॅज, अस्सजि, वप्प, भद्दिय, - भी ज्ञान प्राप्त के लिए तपस्या कर रहे थे ।
• ‎इन्हीं पांचों ब्राह्मणों को बुद्ध ने ऋषिपत्तनम या मृगदाव (सारनाथ) नामक स्थान पर अपना प्रथम उपदेश दिया । उल्लेख्य है कि बुद्ध ने सर्वाधिक उपदेश श्रावस्ती में दिया तथा उन्होंने अपना अंतिम उपदेश अपने शिष्य सुभद्द को दिया था ।

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