राष्ट्रपति प्रधानमंत्री उसी व्यक्ति को नियुक्त करता है जो लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है ।
प्रधानमंत्री अनुच्छेद 75 (1) के अनुसार संसद के किसी भी सदन का सदस्य हो सकता है । इस हेतु इसकी न्यूनतम आयु 25 वर्ष होनी चाहिए ।
भारत का प्रधानमंत्री अपने मंत्रिमंडल में मंत्री के रूप में काम करने के लिए व्यक्तियों के चयन में पूर्णतः स्वविवेक का प्रयोग करता है ।
भारतीय संविधान का अनुच्छेद 75 (2) के अनुसार प्रधानमंत्री सैद्धांतिक रूप से राष्ट्रपति के प्रसाद पर्यंत पद धारण करता है परंतु व्यवहारिक रूप से लोकसभा के विश्वास प्राप्त रहने के विश्वास प्राप्त रहने तक अपने पद पर बना रहता है।
सामान्यतः प्रधानमंत्री अपने पद पर ग्रहण की तिथि से लोकसभा के पुनः चुनाव के बाद मंत्री परिषद गठन तक अपने पद पर बना रहता है ।
जवाहरलाल नेहरू स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री नियुक्त हुए।
भारत के द्वितीय प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री शास्त्री की मृत्यु भारत के बाहर ताशकंद (वर्तमान में उज्बेकिस्तान की राजधानी) में हुई थी।
चौधरी चरण सिंह भारत के ऐसे प्रधानमंत्री रहे जो प्रधानमंत्री ऐसे प्रधानमंत्री रहे जो प्रधानमंत्री रहे जो अपने कार्यकाल में संसद में कभी उपस्थित नहीं हुए।
श्री चंद्रशेखर प्रधानमंत्री पद को सुशोभित करने वाले ऐसे प्रधानमंत्री हुए जो किसी राज्य के मुख्यमंत्री नहीं रहे थे।
श्रीमती इंदिरा गांधी एवं मनमोहन सिंह राज्यसभा से प्रधानमंत्री चुने गए थे।
जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेई, गुलजारीलाल नंदा, डॉ. मनमोहन सिंह एक से अधिक बार प्रधानमंत्री पद पर आसीन हुए।
डॉ. मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बनने से पहले वित्त मंत्री, योजना आयोग के अध्यक्ष, रिजर्व बैंक के गवर्नर तथा आई.एम.एफ. में भारत के प्रतिनिधि रह चुके थे।
मनमोहन सिंह असम से राज्यसभा सांसद थे।
भारतीय संविधान में उपप्रधानमंत्री पद का प्रावधान कहीं नहीं है, परंतु सत्तारूढ़ दल द्वारा राजनीतिक कारणों से उपप्रधानमंत्री की नियुक्ति की गई है।
अब तक कुल 7 बार मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री के पद का सृजन हुआ है एवं 8 व्यक्तियों को प्रधानमंत्री बनाया जा चुका है।
सरदार वल्लभ भाई पटेल देश के पहले उपप्रधानमंत्री जबकि आखिरी बार लालकृष्ण आडवाणी को सन 2002 में अटल बिहारी वाजपेई के कार्यकाल में उपप्रधानमंत्री बनाया गया था।
संवैधानिक दृष्टि से उपप्रधानमंत्री की स्थिति अन्य मंत्रियों की तरह ही होती है किंतु व्यावहारिक दृष्टि सेवा प्रधानमंत्री के बाद दूसरे स्थान पर होता है।