जब किसी एक वित्तीय वर्ष के लिए किसी मंत्रालय अथवा विभाग को आवंटित किए गए बजट में अनुश्रवण तथा मूल्यांकन किए जा सकने वाले भौतिक लक्ष्य का निर्धारण इस उद्देश्य किया जाता है ताकि बजट के क्रियान्वयन की गुणवत्ता को परखा जाना संभव हो सके तो ऐसे बजट को आउटकम बजट कहते हैं। इसमें वित्तीय प्रधानों को परिणामों के संदर्भ में देखा जाना होता है। कार्य संम्पादान हेतु किसी भी स्तर पर देर करने या रुकावट पैदा करने के स्थान पर निर्धारित धनराशि को सही समय और सही मात्रा और सही गुणवत्ता में पहुंचाने की सुनिश्चित करना होता है , ताकि निर्धारित धनराशि का यथेष्ट उपयोग संभव हो सके।
देश के संसदीय इतिहास में पहली बार 25 अगस्त 2005 को आउटकम बजट वित्त मंत्री द्वारा संसद से प्रसतुत किया गया था। ध्यातव्य है कि यह प्रयोग के तौर पर केवल आयोजनगत बजट के लिए ही किया गया था
ज्ञातव्य है कि इस प्रकार के बजट में विभिन्न योजना के अंतर्गत खर्च की जा सकने वाली और निर्धारित किए गए लक्ष्यों की किस सीमा तक आपूर्ति हो सकि है कि सही-सही स्थित वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर प्रस्तुत किए जाने वाले परफोर्मेंस बजट में उपलब्ध होता है और इससे स्पष्ट रूप से यह पता चलता है कि आम बजट में निर्धारित किए गए लक्ष्यों को हम तक प्राप्त करना संभव हो सका है