हिंदू धर्म भारत का सबसे प्राचीन और महत्वपूर्ण धर्म है अनुयायियों की संख्या की दृष्टि से ईसाई और इस्लाम के बाद इसका विश्व में तीसरा बड़ा स्थान है इससे लगभग 3000 वर्ष पूर्व आर्यों द्वारा स्थापित इस धर्म को पहले आर्य धर्म कहा जाता था। वेद हिंदू धर्म के प्राचीनतम ग्रंथ में जिनके नाम पर इतने वैदिक धर्म के नाम से भी जाना जाता है हिंदू धर्म एक नृजातीय धर्म है। जिसकी सदस्यता व्यक्ति के जन्म से निर्धारित होती है। किसी विधर्मी को धर्मांतरण द्वारा हिंदू बनाने का प्रावधान नहीं है इसलिए हिंदू धर्म का प्रसार सीमित क्षेत्रों में ही है। इसका प्रसार वहीं तक सीमित है जहां तक हिंदू परिवार स्थानांतरण द्वारा पहुंच गए हैं अधिकांश हिंदू भारत में ही सकेंद्रित हैं। भारतीय सीमा से संलग्न पर्वती देश नेपाल एक हिंदू राज्य है जहां की अधिकांश जनसंख्या हिंदू है।
प्राचीन काल में कुछ लोग दक्षिण पूर्व एशिया के कुछ देशों में व्यापार तथा धर्म प्रसार आदि के लिए गए और वहीं बस गए। ब्रिटिश शासन काल में कृषि तथा बागानों में काम करने के लिए बड़ी संख्या में भारतीय दक्षिण अफ्रीका, मारीशस, श्रीलंका, इंडोनेशिया, फिजी आदि देशों में गए और बहुत से और बहुत से परिवार वहीं बस गए। इनमें से कुछ हिंदुओं ने धर्मांतरण कर लिया किंतु लाखों हिंदू अब भी विदेशों में रहते हैं वर्तमान (2000) में भारत में लगभग 80 करोड़ जनसंख्या हिंदू है जो विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग 13% जनसंख्या हिंदू है। अफ्रीका के पूर्वी भागों में लगभग 14 लाख हिंदू रहते हैं उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और यूरोप महाद्वीप में भी प्रत्येक में लगभग 6 लाख हिंदुओं का निवास है। ओशिनिया में भी लगभग 3 लाख हिंदू हैं। भारत के बाहर हिंदुओं की उल्लेखनीय संख्या दक्षिण एशिया में एशिया में नेपाल और श्रीलंका, दूरवर्ती द्विपीय देश मारीशस एवं फिजी तथा दक्षिण पूर्वी एशिया देशों में म्यांमार, थाईलैंड, हिन्दचीन,इंडोनेशिया आदि में पाई जाती है।