वेगनर के महाद्वीपीय विस्थापन सिद्धांत की व्याख्या (भाग २ )

  • वेगनर के अनुसार, अंध महासागर के दोनों तटों पर भौगोलिक एकरूपता पाई जाती है। दोनों तट एक-दूसरे से मिलाए जा सकते हैं।

  • उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट को दक्षिण अफ्रीका के गिनी खाड़ी तट से मिलाया जा सकता है। वेगनर ने इसे ‘साम्य की स्थापना’ (zigsaw-Fit) का नाम दिया। भूगर्भिक प्रमाणों के आधार पर अंध महासागर के दोनों तटों के कैलिडोनियन तथा हर्सीनियन पर्वत क्रमों में समानता पाई जाती है।

  • महासागर के दोनों तटों पर चट्टानों में पाए जाने वाले जीवावशेषों तथा वनस्पतियों के अवशेषों में भी पर्याप्त समानता पाई जाती है।

  • स्कैण्डिनेविया के उत्तरी भाग में पाए जाने वाले लेमिंग नामक छोटे-छोटे जंतुओं की अधिक संख्या हो जाने पर वे पश्चिम की ओर भागते हैं परंतु, आगे स्थल न मिलने पर सागर में जलमग्न हो जाते हैं, इससे प्रमाणित होता है कि अतीत में जब स्थल भाग आपस में मिले थे, तो ये जंतु पश्चिम की ओर जाया करते थे।
  • इसके साथ ही, ग्लोसोप्टरिस वनस्पति का भारत, दक्षिण-अफ्रीका, फाकलैंड, ऑस्ट्रेलिया तथा अंटार्कटिका में पाया जाना भी यह प्रमाणित करता है कि कभी ये स्थल भाग आपस में संबद्ध थे।

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