वैदिक सभ्यता के महत्वूर्ण फैक्ट्स 2

 1.  वर्तमान समय मे ऋग्वेद के किस शाखा का अध्ययन किया जाता है- साकल शाखा
  2. वेदों का संकलन किसके द्वारा किया गया जिस कारण उन्हें वेदव्यास के नाम से जाना जाता है- कृष्णद्वैेपायन
  3. चारों आश्रमों का प्रथम बार एक साथ उल्लेख किस उपनिषद में मिलता है- जबालोप उपनिषद
  4. ऋग्वेद की रचना में कुल कितनी महिलाओं ने भाग लिया – 21 महिलाओं ने
   5. एकेश्वरवाद की अवधारणा ऋग्वेद के कौन से मंडल में मिलती है- प्रथम् मण्डल में
   6. निष्काम कर्म की सर्वप्रथम अवधारणा कहाँ से मिलती है- शुक्ल यजुर्वेद के अंतिम भाग ईशोपनिषद से
   7.पतंजलि ने अथर्वेद की कितनी शाखाओ का उल्लेख किया है – नौ शाखाओ का जिसमे केवल दो उपलब्ध है ।
    1- पिप्पलाद
    2- शौनक
    10.पंचाक्षरी शिव मन्त्र का सर्वप्रथम उल्लेख किस उपनिषद में मिलता है- श्वेतश्वतर उपनिषद में
  11.  भारतीय नाटक के आरंभिक सूत्र संवाद सूक्त में मिलते हैं
  12.  अरब लेखकों के अनुसार राष्ट्रकूट राजवंश की स्त्रियां अपना चेहरा पर्दे से नहीं ढकती थी
  13.  ललित विस्तार में प्राचीन भारत में प्रचलित 64 लिपियों का वर्णन है।
  14.  यवन जातक ज्योतिष संबंधित ग्रंथ है।
   15.भारोपीय भाषा परिवार की प्राचीनतम भाषा ईरानी है।
   16. चीनी यात्री भारत को यिन-तु कहते थे।
  17.  ऋग्वेद में अग्नि को देवताओं का मुख कहा गया है।
   18.ऐतरेय ब्राह्मण में पुत्र को संसार सागर पार कराने वाली नौका कहा गया है
  19.  युद्ध का प्रारंभ मनुष्यों के मस्तिष्क से होता है यह अथर्ववेद में उल्लिखित है ।
   20. अथर्ववेद का पृथ्वी सूक्त वैदिक राष्ट्रीय गीत है
  21.  शल्यक्रिया का उल्लेख अथर्ववेद में मिलता है ।

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