रोम की सभ्यता

रोम की सभ्यता पाश्चात्य सभ्यता की जननी है। रोम की सभ्यता प्राचीन और आधुनिक सभ्यताओं के मध्य एक पुल के समान है। रोम ने ही सर्वप्रथम राष्ट्रीयता परख सभ्यता का विकास किया और पूर्णत: भौतिकवादी सभ्यता की नींव रखी।

भौगोलिक स्थिति

एक और यह आल्पस पर्वत से तथा तीन और समुद्र से घिरा है। उत्तर में आल्पस पर्वत जो इसे शेष यूरोप से अलग करता है। दक्षिण पश्चिम में भूमध्य सागर पूर्व में एड्रियाटिक सागर है। इसके मध्य में उत्तर से दक्षिण तथा अल्पेनाइन पर्वतमाला जो इसे पूर्वी और पश्चिमी दो भागों में विभक्त करती है।

सबसे बड़ी नदी पो है, जो उत्तर में आल्पस पर्वत से निकलकर पूर्व की ओर एड्रियाटिक सागर में गिरती है पश्चिम मैदान में टाइबर नदी अल्पेनाइन पर्वतमाला से निकलकर भूमध्य सागर में गिरती है। रोम इसी नदी के किनारे बसा हुआ है।
प्रागैतिहासिक इटली

इटली में मानव सभ्यता का उदय पुरातन प्रस्तर युग में हो चुका था। 2000 ईसा पूर्व में आर्य जाति का आगमन हुआ इनमें लैटिन और ओस्कन लोग प्रमुख थे। यह इटली का कांस्य युग था 1000 ईसा पूर्व से 600 ईसापूर्व तक इटली में अन्य जातियों का प्रवेश हुआ जिनमें एट्रस्कन और यूनानी जाति प्रमुख थी।

900 ई. पूर्व में एट्रस्कन जाति की एक शाखा ने आर्यों को पराजित करके लोटियम और रोम पर अधिकार कर लिया। विश्व के इतिहास में इससे पूर्व आर्य जाति किसी अन्य जाति से पराजित नहीं हुई थी। रोम इटली प्रायद्वीप पश्चिमी भाग में टाइबर नदी के उत्तरी तट से 15 मील दूर सात पहाड़ियों पर बसा है। इसीलिए रोम को सात पहाड़ियों का देश भी कहते हैं।

रोम नगर की स्थापना 753 ईसा पूर्व रोमुलास द्वारा की गई। रोमुलास ने अपने भाई ऐमस की हत्या कर शासक बना। रोमुलास ने अपनी जातियों के सात ग्रामों का एक संघ बनाया जिसे ‘सेफ्टीमोनोटियम’ (लीग ऑफ द सेवन हिल्स) कहा जाता था।

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