हाल ही में केंद्र सरकार और आरबीआई के मध्य कुछ अनबन बनी रहे पीसीए को लेकर । यह पीसीए क्या है ? आइए जानते हैं ।

आरबीआई को जब ऐसा लगता है कि किसी वाणिज्यिक बैंक के पास जोखिम का सामना करने के लिए पर्याप्त पूंजी नहीं है अथवा आय और मुनाफा नहीं हो रहा है या एनपीए बढ़ रहा है तो उस बैंक को आरबीआई द्वारा पीसीए में डाल दिया जाता है ।

पीसीए में शामिल बैंक नए कर्ज नहीं दे सकते और नई शाखा नहीं खोल सकते । आरबीआई ने 11 सरकारी बैंकों को पीसीए में रखा । गौरतलब है कि केंद्र सरकार व आरबीआई के बीच तनाव रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर विरल आचार्य द्वारा 26 अक्टूबर 2018 को दिए गए एक बयान के बाद बढ़ गया । इस बयान में विरल आचार्य ने अर्जेंटीना के 2010 के आर्थिक संकट का जिक्र करते हुए कहा था कि "जो सरकारें केंद्रीय बैंकों की स्वतंत्रता का सम्मान नहीं करती वहां के बाजार तत्काल या बाद में भारी संकट में फंस जाते हैं" बाद के घटनाक्रमों में यह तनाव इतना बढ़ गया कि केंद्रीय बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल को इस्तीफा दे दिए जाने तक का कयास लगाया जाने लगा , और ऐसा हुआ भी उर्जित पटेल ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया ।
      वर्तमान में आरबीआई का पूंजी आधार 9.69 लाख करोड़ रुपए है । आरबीआई के स्वतंत्र निदेशक एस गुरुमूर्ति तथा वित्त मंत्रालय यह चाहते हैं कि वैश्विक मानकों के अनुरूप इसे कम किया जाए ।

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