भारत में सेवा क्षेत्र

1. आजादी के बाद से सकल घरेलू उत्पाद में सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग दोगुनी हो गई है।

2. वित्त, बीमा और रियल एस्टेट के बाद व्यापार, होटल, रेस्तरां आदि सकल घरेलू उत्पाद में अधिकतम फीसदी का योगदान देते हैं।

3. टेली डेनसिटी (घनत्व) जो दूरसंचार के प्रसार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, में मार्च 2007 के 18 फीसदी के मुकाबले दिसम्बर 2012 में 74% की फीसदी की वृद्धि हुई है।

4. सेवा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के प्रवाह (निर्माण सहित शीर्ष पांच क्षेत्र) में 37. 6 फीसदी की तेज गिरावट आई जो कुल कि अब 6.4 बिलियन डॉलर के स्तर पर आ गया है ।

5 मजबूत बैंकिंग और बीमा क्षेत्र के बूते पर भारत आज विश्व की सबसे आकर्षक अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। KPMG-CII की एक संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, 2020 तक भारत के विश्व भर में पांचवां सबसे बड़ा बैंकिंग क्षेत्र बनने का अनुमान है। रिपोर्ट में यह भी उम्मीद जताई गई है कि बैंक ऋण के बेहतर माध्यम से मध्यम अवधि में 17 फीसदी की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) से बढ़ने की उम्मीद है। देश में जीवन बीमा कंपनियों के उद्योग संगठन, जीवन बीमा परिषद ने भी वित्तीय सेवा क्षेत्र के लिए अगले कुछ वर्षों में 12-15 फीसदी की सीएजीआर (CAGR)का अनुमान व्यक्त किया है।

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