पृथक करने की कुछ विधियां

आसवन - दो या दो से अधिक पदार्थ एक साथ मिले रहते हैं जिनके क्वाथनाको में विशेष अंतर होता है दोनों को गर्म करने पर एक द्रव पहले अलग हो जाता है जैसे साधारण जल को गर्म करके इसके वास्ते से आसुत जल बनाना इस आसुत जल का प्रयोग दवा बनाने के लिए किया जाता है

प्रभावी आसवन -  दो या तो उसे अधिक द्रव पदार्थ जब एक साथ मिले रहते हैं और इनके क्वाथनांको में बहुत कम अंतर होता है तो इसे अलग अलग ताप देकर हम अलग करते हैं जैसे कच्चे पेट्रोलियम पेट्रोल ,.के पेट्रोल आयल मिट्टी का तेल आदि को अलग करना होता है।

वाष्पीकरण - इसकी कोई भी तरह बिना किसी निश्चित क्वथनांक पर आए दाग के कारण खत्म हो जाता है और ठोस पदार्थ बन जाते हैं जैसे गड्ढे से जल की खपत होना समुद्री जल से नमक बनाना।

रवाकरण - जब कार्बनिक व अकार्बनिक योगिक एकदम एक साथ मिलते रहते हैं तो किसी भी लायक में डालकर विलेन तैयार किया जाता है और इसे ताप देकर धीरे-धीरे सुखाया जाता है जिसके कारण कार्बनिक व अकार्बनिक योगिक के कण किस्टल के रूप में उपस्थित होते हैं।जै जैसे रोग लगे तम्बाकू के प्रती के रस से Vyrasके रूप में अलग करना

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