पूर्ण स्वराज्य को प्राप्त करने के लिए कांग्रेस सरकार को 1 साल का समय दिया गया 31 जनवरी 1930 को गांधीजी ने यंग इंडिया में अंग्रेज सरकार से कुल 11 मांगे कि जिन पर सरकार ने कोई जवाब नहीं दिया अंग्रेज सरकार ने नमक बनाने पर नमक कर लगा दिया जिसके विरोध में गांधी जी ने सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ किया 12 मार्च 1930 को गांधी ने अपने साबरमती आश्रम से दांडी का यात्रा प्रारंभ की उस समय उनके साथ मात्र 78 लोग थे अब्बास तैयब जी और सरोजिनी नायडू इसके प्रमुख नेता थे 5 अप्रैल 1930 को गांधी दांडी पहुंचे और 6 अप्रैल 1930 को उन्होंने नमक बनाकर नमक कानून तोड़ा इस आंदोलन को दक्षिण भारत में सी राजा गोपाल चारी चला रहे थे पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत में खान बहादुर अब्दुल गफ्फार खान इस आंदोलन को चला रहे थे इनके संगठन का नाम रेड t-shirt संगठन था इन्हें सीमांत गांधी भी कहा जाता है 5 मई 1930 को गांधी को अरेस्ट कर लिया गया इन्हें यरमड़ा (पुणे महाराष्ट्र) में बंद कर दिया गया
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2nd गोलमेज सम्मेलन (17sep1930-1Dec1931) . इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री मैकडोनाल्ड ने कम्युनल अवॉर्ड प्रजेंट किया जिसके विरोध में गांधी जी ने यह सम्मेलन बीच में छोड़कर भारत वापस आ गए गांधीजी को दोबारा से अरेस्ट कर लिया गया और यरमदा जेल में बंद कर दिया गया भीमराव अंबेडकर ,मोहम्मद अली जिन्ना और तेज बहादुर सप्रू ऐसे आदमी थे जिन्होंने सभी गोलमेज सम्मेलन भाग लेना चाहते थे