रूसी राज्य संचालित परमाणु ऊर्जा निगम रोस्तम ने घोषणा की कि ‘एकेडेमिक लोमोनोसोव' विश्व का पहला "तैरता" परमाणु ऊर्जा संयंत्र (FNPP) दूरस्थ क्षेत्रों में स्थापना के लिए शुरू कर दिया गया है।
अब तक किसी देश के पास ऐसा संयंत्र नहीं है। इसे न्यूक्लियर पावर फर्म रोसेटोम ने सेंट पीटर्सबर्ग में तैयार किया है।
एकेडेमिक लोमोनोसोव
- रूस के इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की लंबाई 144 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर और वजन 21,000 टन है।
- इसमें 35 मेगावाट के दो न्यूक्लियर रिएक्टर हैं, जो रिएक्टर बर्फ के पहाड़ों को काटने वाले आइसब्रेकर शिप के रिएक्टर की तरह हैं।
- संयंत्र की क्षमता इतनी है कि यह 2 लाख आबादी वाले शहर के लिए बिजली पैदा कर सकता है।
दूरवर्ती क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति होगी
- इस तैरते हुए संयंत्र से दूरदराज के इलाकों में गैस और तेल उत्खनन प्लेटफार्मों को बिजली मिलेगी।
- ऑपरेशन इंचार्ज ने बताया कि ऐसे रिएक्टर की मदद से सालाना 50 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है।