मुर्शिद कुली खां ( 1717-1729) -
- 1700 से बंगाल का दीवान तथा 1717 में इसे बंगाल का सूबेदार बना दिया गया
- 1717 से ही बंगाल एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित होने लगा किंतु मुर्शीद ने मुगल साम्राज्य से संबंध बनाए रखा और नियमित रूप से मुगल शासक को भेट भेजता रहा
- इसने राय जीवन नामक हिंदू को अपना दीवान नियुक्त किया मुर्शीद के कार्यकाल में निम्नलिखित तीन विद्रोह हुए
- अपनी राजधानी ढाका से मुर्शिदाबाद ले आया
- दीवान और नाजिम के अलग-अलग पदों को एकीकृत कर दिया
- प्रशासनिक व्यवस्था में हिंदुओं और मुसलमानों को समान अवसर प्रदान किया
- वित्तीय व्यवस्था का पुनर्गठन किया और कृषि क्षेत्र में सुधार के लिए किसानों को तकावी प्रदान किया
- भू राजस्व व्यवस्था इजारे दारी प्रथा को बढ़ावा दिया और जिससे जमींदार रोहुआ धनी साहू कारों की महत्वाकांक्षा बड़ी
- 1719 ने फर्रूखशियर ने उड़ीसा भी प्रदान कर दिया जिससे बंगाल के अधिकारों मे और वृद्धि हो गई
- शुजाउद्दीन (1729-1739) -
- 1773 में मुहम्मद शाह रंगीला ने बंगाल को बिहार का क्षेत्र भी दे दिया
- इसने अपने क्षेत्र में प्रशासनिक सुविधा के लिए 4 इकाइयों में बांटा
- सरफराज खा (1739-40)-
- मुर्शीद कुली खां इससे ही अपना उत्तराधिकारी नियुक्त किया था
- बिहार के उप गवर्नर अली नदी खां ने गिरिया का युद्ध में उसे शिकस्त दी
- अली वर्दी के साथ-साथ आलम चंद्र व फतेह चंद्र ने भी विद्रोह किया