भारत ने रूस के साथ सतह से हवा में मार करने वाली अत्याधुनिक एस 400 मिसाइलों की आपूर्ति के लिए भी करार किया। यह हवा में 400 किलोमीटर तक एक साथ कई मिसाइलों और लड़ाकू विमानों को ध्वस्त करने में सक्षम है। एस 400 मिसाइल प्रणाली एक साथ 3 दिशाओं में मिसाइल दाग सकती है। भारत इन असाधारण मिसाइलों के 5 स्क्वाडर्न 5.43 अरब डॉलर यानी लगभग 39000 करोड रुपए में खरीदेगा। जिसकी आपूर्ति 2020 तक शुरू हो जाएगी।
भारत और रूस के बीच इस मिसाइल सौदे के बारे में 2015 से बातचीत जारी है। दरअसल एस 400 एरिया डिफेंस के लिए दुनिया की बेहतरीन वायु रक्षा प्रणालियों में से एक मानी जाती है। यह प्रणाली भारतीय वायु सीमा को दुश्मन की क्रूज मिसाइलो,फाइटर जेट्स और मानव रहित कॉम्बैट एरियल व्हीकल से सुरक्षा प्रदान करेगी रूस की s-400 मिसाइल प्रणाली को नाटो देश SA-21 ग्रोलर के नाम से जानते हैं। इसका सबसे पहले प्रयोग 2007 में हुआ था तथा यह s300 को अपडेट करके बनाई गई है। पड़ोसी देश चीन ने एस 400 प्रणाली की 6 बटालियन खरीदने के लिए वर्ष 2015 में रूस के साथ समझौता किया था।