अधिक लाभ कमाने के लिए कम लागत पर अधिक माल तैयार करने की आकांक्षा के कारण औद्योगिक क्रांति आरंभ हुई और पूंजीवाद और अधिक विकास हुआ इंग्लैंड में औद्योगिक क्रांति की प्रारंभ लगभग 1750 इसवी में हो चुकी थी इसके बाद ही माल और सामान के उत्पादन में मनुष्य और जानवरों द्वारा किए गए काम का कुछ भाग मशीनें करने लगी इसलिए अक्सर हम यह कहते हैं कि औद्योगिक क्रांति मशीनी युग की प्रारंभ और थी 1750 बी के बाद बहुत तेज से नए नए अविष्कार किए गए और इनका स्वरूप ऐसा था कि इनके कारण लोगों के जीवन शैली में बहुत तेजी से बदलाव क्रांति ने दुनिया भर में जीवन पद्धति और विचार पद्धति में परिवर्तन कर दिया 18वीं सदी में घरेलू पद्धति पुरानी पड़ गई इसकी जगह एक नई व्यवस्था अस्तित्व में आने लगी जिसको कारखाना पद्धत कहा जाता है साधारण उपकरणों पशुओं और हाथ की जगह क्रम से नई मशीनों और भाप की शक्ति का इस्तेमाल होने लगा इसके कई नए नगरों का आविर्भाव हुआ कारीगर और बेदखल किसान काम के लिए नजरों में पहुंचे अब उत्पादन कारखानों में होने लगे पहले यह घर की कार्यशाला में होता था यह उत्पादन मशीनों से हो रहा था जबकि इसके पहले मशीनों की जगह साधारण उपकरण काम में लाए जाते थे उत्पादन के साधनों के मालिक और प्रबंधक पूंजीपति लोग थे ऐसे लोग जिनके पास अधिक उत्पादन के लिए लगाने के लिए पैसा था।