विलयन

किसी विलयन का निर्माण विलायक और बिलेय से होता है किसी विलयन में जिस पदार्थ की मात्रा अधिक होती है उसे विलायक और जिसकी मात्रा कम होती है उसे बिलेय कहा जाता है

जिसमे 1 लीटर पानी में 200 ग्राम चीनी डालने पर बने विलेन में पानी विलायक होता है और चीनी विलेय होती है। ऐसी बिलयन जिसमें कोई भी  पदार्थ घुल जाता है उसे असंतृप्त कहा जाता है। इसी प्रकार जिस बिलयन में विलय पदार्थों को घूमने के लिए जगह नहीं मिल पाता है तो उसे संतृप्त कहते हैं।

ऐसा संतृप्त विलियन जिसमें बिलेय को घुलने के लिए जगह नहीं मिलता लेकिन विलय पदार्थ डालने पर विलेय छोटे-छोटे अणुओं में टूटने लगता है उसे असंतृप्त मिले कहा जाता है। किसी विलेन का गाड़ी पर वो पतलापन पर उसकी सांद्रता को संकेत करता है और किसी विलयन की सांद्रता को मूल इकाई में मापा जाता है प्राकृतिक में बने विलेन के चार रूप मिलते हैं 

सत्य विलयन -  इस प्रकार के विलयन में बिलेय को साधारण सूक्ष्मदर्शी से दिखाई नहीं देते हैं जैसे जल में चीनी द्वारा शरबत बनाना, निलंबन कारी बिलियन इस प्रकार के विलेन में विलय के कर नग्न आंखों से दिखाई देते हैं जिसे मिट्टी पानी का घोल, नदी का गंदा जल। 

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