प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2018 को सरदार बल्लभ भाई पटेल की 143 वीं जयंती के मौके पर गुजरात की केवडिया में उनकी 182 मीटर ऊंची प्रतिमा स्टेचू ऑफ यूनिटी राष्ट्र को समर्पित की इसके साथ यह चीन के स्प्रिंगफील्ड बुद्ध की 153 मीटर ऊंची मूर्ति आधिकारिक तौर पर पीछे छोड़ते हुए दुनिया की सबसे ऊंची मूर्ति बन गई।
दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा स्टैचू ऑफ यूनिटी गुजरात के नर्मदा जिले में केवड़िया स्थित सरदार सरोवर बांध से लगभग 3.5 किलोमीटर की दूरी पर साधु बेट नामक द्वीप पर स्थित है। गुजरात में नर्मदा नदी के किनारे सरदार सरोवर बांध के पास साधु बेट नामक छोटे द्वीप पर निर्मित स्टेचू ऑफ यूनिटी 182 मीटर ऊंची है जो कि अब दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा बन गई है। प्रतिमा के आधार पर एक म्यूजियम और इसके अंदर 153 मीटर की ऊंचाई पर जहां इस का हृदय स्थल है, इस पहाड़ी क्षेत्र नर्मदा नदी और निकटवर्ती सरदार सरोवर डैम का नजारा देखने के लिए क्षेत्र में बनाया गया है। इसे बनाने की घोषणा गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री के तौर पर श्री मोदी ने वर्ष 2010 में की थी।
स्टेचू ऑफ यूनिटी प्रधानमंत्री मोदी ने नर्मदा नदी किनारे वैली ऑफ फ्लावर्स देश के 169000 गांव की मिट्टी से बनी दीवार बॉल ऑफ यूनिटी और पर्यटकों के लिए टेंट सिटी का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि देश के पहले गृह मंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल की जयंती मौके पर 31 अक्टूबर 2018 को देश भर में राष्ट्रीय एकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर कई शहरों में रन फॉर यूनिटी का भी आयोजन किया गया बताते चलें कि सरदार पटेल सैकड़ों रियासतो का विलय कर देश के एकीकरण का काम किया।