महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना के क्रियान्वयन के लिए आंध्र प्रदेश गुजरात, मिज़ोरम, छत्तीसगढ़ कर्नाटक तथा मध्य प्रदेश के प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है हरियाणा महिला पुलिस स्वयंसेवक अभियान शुरू करने वाला पहला राज्य था वित्त वर्ष 2016 17 के दौरान निर्भया फंड के तहत इसकी शुरुआत हरियाणा के करनाल में की गई थी।
महिला पुलिस स्वयंसेवक योजना की शुरुआत केंद्रीय महिला बाल विकास मंत्रालय ने केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ मिलकर की थी इस योजना की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित है --
एक महिला पुलिस स्वयंसेवक कोई भी महिला हो सकती है जो शैक्षिक रूप से लड़कियों व महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हो और जो पुलिस को हिंसा मुक्त हुआ लैंगिक भेदभाव से मुक्त समाज बनाने में सहायता कर सकें। एक महिला पुलिस स्वयंसेवक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष तथा न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होनी चाहिए। महिला पुलिस स्वयंसेवक उसी क्षेत्र से होनी चाहिए तथा स्थानीय भाषा बोल से परिचित होनी चाहिए। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं होना चाहिए। रााज्यो तथा केंद्र शासित प्रदेश में महिला पुलिस स्वयंसेवक पुलिस तथा महिलाओं के बीच कड़ी का काम करेगी। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक महिला पुलिस स्वयंसेवक होगी। महिला पुलिस स्वयंसेवक पुलिस थाना में सीधे सर्किल इस्पेक्टर को रिपोर्ट करेंगी। महिला पुलिस स्वयंसेवक को "महिला व शिशु रक्षक दल " का निर्माण करना होगा महिला पुलिस स्वयंसेवक का प्रमुख कार्य महिलाओं के विरुद्ध होने वाले घरेलू हिंसा बाल विवाह दहेज प्रथा तथा सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा को रिपोर्ट करें करना है महिला पुलिस स्वयंसेवक एक मानत पद है उन्हें प्रतिमाह ₹1000 का मानदेय दिया जाता ह । केंद्रीय महिला व बाल विकास मंत्रालय ने सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इस अभियान को और अपने राज्य केंद्रशासित प्रदेश में शुरू करने के लिए कहा है