कृषि मैक्रो मैनेजमेंट

कृषि मैक्रो मैनेजमेंट (एमएमए) एक केन्द्र प्रायोजित योजनाओं में से एक है, जिसकी स्थापना 2000-01 में की गई थी। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना था कि केन्द्र से राज्यों को मिलने वाली सहायता सही तरीके से कृषि के विकास के लिए खर्च की जा सके। योजना को शुरू करने के साथ, इस योजना में 27 केंद्र प्रायोजित कार्यक्रम शामिल है जो सहकारी फसल उत्पादन कार्यक्रम (चावल, गेहूं, मोटे अनाज, जूट, गन्ना और के लिए), जलग्रहण (वाटरशेड) विकास कार्यक्रम (वर्षा सिंचित क्षेत्रों, नदी घाटी परियोजनाओं / बाढ़ प्रवण नदियों के लिए राष्ट्रीय वाटरशेड विकास परियोजना), बागवानी उर्वरक, मशीनीकरण और बीज उत्पादन कार्यक्रमों से संबंधित है। वर्ष 2005-06 में राष्ट्रीय बागवानी मिशन (एनएचएम) की शुरूआत के साथ, दस योजनाओं को बागवानी विकास से संबंधित योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। वर्ष 2008-09 में कृषि योजना के मैक्रो मैनेजमेंट को संशोधित किया गया तांकि कृषि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने की दिशा में कार्य हो सकेl

Posted on by