भारत मालदीव सम्बन्ध

  • घनिष्ठ एवं मैत्रीपूर्ण पड़ोसी देशों के रूप में भारत और मालदीव के बीच जातीय, भाषाई , सांस्कृतिक, धार्मिक एवं वाणिज्यिक संपर्क है। जिनकी जड़े बहुत पुरानी है तथा दोनों देशों के बीच संबंध मधुर एवं बहुआयामी है।
  • सभी स्तरों पर नियमित संपर्क के माध्यम से द्विपक्षीय संबंध सुदृढ़ हुए हैं जब से राजनयिक संबंध स्थापित हुए हैं तब से भारत के सभी प्रधानमंत्रियों ने मालदीप का दौरा किया है।
  • राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन ने एक उच्चस्तरीय शिष्टमंडल के साथ 1 से 4 जनवरी 2014 के दौरान भारत का दौरा किया जो उनकी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा थी।
  • मई 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में भी भाग लिया।
  • भारत की विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने 14 अक्टूबर 2015 में मालदीव का दौरा किया और अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र और एक दूसरे का निरंतर समर्थन किया है ।
  • भारत मालदीव का एक अग्रणी विकास साझेदार है तथा मालदीप की अग्रणी संस्था की स्थापना की है।
  • जिसमें इंदिरा गांधी स्मारक अस्पताल इंजीनियरिंग के संकाय अतिथि सत्कार एवं पर्यटन अध्याय शामिल है।
  • जब जरूरत पड़ी है भारत ने मालदीव को सहायता की पेशकश की है।
  • भारत और मालदीव ने वर्ष 1981 में एक व्यापार करार पर हस्ताक्षर किया जो आवश्यक वस्तुओं के निर्यात का प्रावधान करता है।
  • शुरुआत में निर्यात साधारण था पर धीरे-धीरे बढ़कर भारत मालदीव व्यापार आज 700 करोड़ के आसपास है।
  • भारत की ओर से मालदीप को जिन वस्तुओं का निर्यात किया जाता है मुख्य रूप से कृषि एवं उत्पाद चीनी, फल, सब्जियां, मसाले, चावल, आटा,टैक्सटाइल , औषधीय एवं दवाई अनेक तरह के इंजीनियरिंग एवं औद्योगिक उत्पाद एवं भवन के लिए सीमेंट आदि शामिल हैं।
  • भारत द्वारा मालदीव से मुख्य रूप से स्क्रैप मेटल का आयात किया जाता है।
  • द्विपक्षीय करार के तहत भारत आवश्यक खाद्य वस्तुएं जैसे चावल, आटा, चीनी, दाल, प्याज, आलू, अंडा तथा निर्माण की सामग्री जैसे की रेत एवं बजरी आदि मालदीप को अनुकूल  शर्तों पर उपलब्ध कराता है।
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